स्मृतिद्वार एवं गौरव सेनानी मार्ग नामकरण के लंबित प्रकरणों का 10 दिन में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश
शहीद परिवारों के घर जाकर सम्मानपूर्वक जुटाए जाएं आवश्यक अभिलेख, नियमित समीक्षा के भी दिए निर्देश
पौड़ी: जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जनपद के अंतर्गत शहीदों के नाम पर स्मृतिद्वार एवं मोटर मार्गों के नामकरण से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि शहीदों के सम्मान से जुड़े प्रकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के स्मृतिद्वार तथा गौरव सेनानी मार्गों के लंबित मामलों में नियमानुसार प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र जिला कार्यालय को उपलब्ध कराया जाय। साथ ही जिला सैनिक कल्याण अधिकारी पौड़ी, लैंसडाउन एवं सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का निरंतर अनुश्रवण करते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जिस विभाग की सड़क है, उसी विभाग की भूमि पर स्मृतिद्वार निर्माण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि अनावश्यक भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया से बचते हुए कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में एनओसी प्राप्त हो चुकी है, उन्हें उपजिलाधिकारी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कर सैनिक कल्याण विभाग को प्रेषित करें तथा जिन मामलों में एनओसी लंबित है, उनमें संबंधित विभाग तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन शहीदों के प्रकरणों में आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं, उनमें सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारी शहीद परिवारों के घर जाकर सम्मानपूर्वक दस्तावेज एकत्रित करें, ताकि स्मृतिद्वार निर्माण एवं नामकरण की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। साथ ही उन्होंने शहीदों की स्मृति में प्रस्तावित अन्य निर्माण कार्यों के लिए भी शीघ्र भूमि का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी ने सैनिक कल्याण विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि इन प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अपर जिलाधिकारी को 10 दिन बाद पुनः समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी लंबित मामलों की प्रगति का विस्तृत परीक्षण करने के निर्देश भी दिए।

